SEO क्या है ? SEO कैसे काम करता है ?[2020] IN HINDI

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SEO क्या है ? SEO कैसे काम करता है ?[2020] IN HINDI हम देखने वाले हैं SEO होता क्या है SEO करते है आपको आपकी Website के लिए काफी मात्रा में फ्री क्वालिटी ट्रैफिक मिलेंगी दुनिया में कई सारे Search Engine हैं जैसे GOOGLE,  Yahoo,  Bing, अगर कोई भी इंसान कुछ ढूँढना या देखना चाहता है तो पहले Search Engine अपने Browser में ओपन करता है लेकिन दुनिया के 83%  लोग GOOGLE यूज़ करते हैं जब भी आप GOOGLE में जाते हैं और कुछ टाइप करते हैं तो आपको बहुत सारे Website देखने मीलती है आप जो भी चीज़ देखना चाहते हैं उसके लिए GOOGLE में कितने Website है ये आपको यहाँ पर पता चलता है जैसे भी आप सर्च करते है आपके सामने बहुत सारे Website देखते हैं जो आपके सर्च करें 90% लोग सिर्फ First Page में जीतने Website है उसे देखते हैं और बाकी के Page को लोग विजिट भी नहीं करते और यह भी देखने में आया है कि लोग से टॉप थ्री रिज़ल्ट वाले site को क्लिक करते हैं उसे हम Gold Triangle भी कहते हैं दुनिया में शिक्षित पसंद लोग सिर्फ ऊपर के टॉप थ्री रिज़ल्ट ही देखते हैं इसके लिए आपको आपकी Website SEO Optimization करना जरूरी है जब भी लोग GOOGLE में सर्च करते हो है और आपकी Website GOOGLE के first page में या top सीरिज में आती है तो लोग उस पर क्लिक करके आपकी Website पर आते हैं आप उन्हें अपने कस्टमर या सब्सक्राइबर बना सकते हैं अगर आपकी Website top सीरिज में या First page पर नहीं है तो आपकी Website का कोई फायदा नहीं है लोग उसे न देखेंगे क्या कभी आपने ये सोचा है कि सोचा है कि जब हम GOOGLE पर जाते हैं और कुछ सर्च करते हैं तो क्यों कुछ Website First Page पर आती है और क्यों दूसरे website Second page पर आती है क्योंकि हर एक Website की रैंकिंग है उसे हम Page रैंक भी कहते हैं पहले जो भी Website होती थी वो Keyword के टॉप एज में आती थी और जिसमें ज्यादा से ज्यादा की वर्ड होते थे वो टॉप रैंक पे आते थे लेकिन बाद 1996 में दो पीएचडी स्टूडेंट लैरी Page और सर्जी ब्रिन ने कुछ इजात किया कि Keyword सब कुछ नहीं है अगर कोई भी Website की दूसरी Website से लिंक है जो उस Keyword से Link है तो उसे Top page में दिखने लगे इस तरह GOOGLE वजूद में आया अभी भी Keyword इम्पोर्टेंट है लेकिन उस Website की Quality Back links भी उतनी महत्वपूर्ण है Keyword से GOOGLE आपकी Website को देखता है |

SEO क्या है ?

SEO Stands for “Search engine Optimization” यह Search engine पर free organic खोज परिणाम प्राप्त करने की प्रक्रिया है Search engine काम करता है –

Crawling-Indexing

Crawler – An a automated bot(called a spider) इसमें स्कैनिंग साइटें और प्रत्येक pages के बारे में विवरण एकत्र करना शामिल है: image, Keywords, अन्य links  किए गए page आदि। Google Spider प्रति सेकंड कई सौ Pages को पढ़ सकते हैं। अब यह हजार में है

Spider – Indexing तब होता है जब क्रॉल से डेटा प्रोसेस होता है और एक डेटाबेस में रखा जाता है |

Types of Search engine Optimization

SEO तीन प्रकार के होते हैं |

  1. White Hat SEO
  2. Black Hat SEO
  3. Gray Hat SEO

White Hat SEO – किसी वेबसाइट की Search engine  रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए तकनीक और विधियों की एसईओ प्रक्रिया और जब आप एसईओ की इस पद्धति को चुनते हैं तो सभी search engine guidelines का पालन करते हैं तब आपकी वेबसाइट को ओ विशेष कीवर्ड रैंक करने में कुछ समय लगता है लेकिन आपकी रैंकिंग कई वर्षों तक सुरक्षित रहती है।

 

Black Hat SEO – Search Engine और Black Hat SEO के Google guidelines का पालन न करें, इसमें कीवर्ड स्टफिंग लिंक, स्पैम छिपा हुआ पाठ, क्लोकिंग, जो कि SEO रैंकिंग के इस शब्द को चुनने के बाद त्वरित लेकिन कम समय तक चलने वाली रैंकिंग में बढ़ती है

 

Gray Hat SEO – Gray Hat SEO एक SEO का  जाति है जो न तो Black Hat SEO है और न ही White Hat SEO है यह एक ऐसी तकनीक है जो पूरी तरह से Black Hat SEO का उपयोग नहीं करती है और दोनों को जोड़ती है

SEO कैसे काम करता है ?

चाहे आप पहले से SEO प्रोफेशनल है या अभी सीखना शुरू कर रहे हैं ऐसी वर्ड का मीनिंग और उसके पीछे का मैकेनिज्म बहुत बदल चुका है Google कभी सिर्फ Web Page या Web Page के Keyword रेपिटिशन को गिनकर Back Links को गिनकर Website को एक स्टार्टिंग रैंक दिया करता था लेकिन अब Google Keyword ऐक्टिंग की Quantity नहीं बल्कि Quality को चेक करता है और Website को हर यूजर के लिए एक अलग Dynamic रंग देता है ऐसे बहुत सारे Free और paid course है जो आपको तीन महीने में Digital Marketing या तीस दिनों में डिस्टर्ब ऐक्टिंग सीख सकते हैं कि Search Engine कैसे काम करते हैं

SEO’s JOBS

 

सबसे पहले बात करते हैं कि ऐसी उसकी जॉब क्या होती है SEO की jobs के पार्ट्स क्या क्या होते हैं और आप कैसे एक ऐसी Website मैनेज कर सकते हैं बना सकते हैं नेचुरल और आर्गेनिक ली अच्छा ट्रैफिक लगातार जेनरेट कर सके और आपको हर एक Google एल्गोरिदम अपडेट के बाद हिचकियाँ ना है SEO एक मिक्स प्रोसेस्ड है 50% परसेंटेज content और 50%  SEO का काम किया है SEO के दो प्राइमरी डॉक्टर्स होते हैं

 

  1. Search Engine को आपकी Website तक पहुँचने में मदद करें और Search Engine से उपयोगी और मुफ़्त ट्रैफ़िक लाएँ
  2. Website पर यूज़फुल ट्रैफिक लाना जो कन्वर्ट हो सके ये कनवर्ज़न चाहे signup हो या कुछ और

Parts Of SEO’s JOBS

 

  1. Website उपयोगकर्ता अनुभव (user experience)
  2. सर्वर / डोमेन प्रबंधन (server/domain management)
  3. Website एक्सेसिबिलिटी चेकअप  (website accessibility checkup)
  4. Google / Bing / इत्यादि से उपकरण सेट करना। (setting up tools from google/Bing/ and so on.)
  5. Keyword खोज (keyword research)
  6. सामग्री योजना और प्रकाशन (content planning and publishing)
  7. संरचित डेटा कार्यान्वयन / परीक्षण (structured data implementation/testing)
  8. बैकलिंक कमाई / विश्लेषण (back links earning/analysis)
  9. ट्रैफिक डेटा के analysis (analysis of traffic data)
1. Website उपयोगकर्ता अनुभव – उसका यूजर एक्सपीरियंस सबसे ऊपर आता है अगर Website का डिजाइन User friendly नहीं है और उसे विजिट करने वाला इन्फोर्मेशन को इसलिए नहीं ढूँढ चाहे तो बाकी सारे फ्रेंड बेकार हैं ऐसी दस सेकंड भूल जाएं सोचे की आप टीवी लेने जा रहा है क्या पैसा टी मिलेंगे जिसमे पिक्चर Quality अच्छी हैं जिसका रिमोट यूज़ करने में इजी है या ऐसा टीवी लेंगे जिसका ऐड पूरी क्रिकेट टीम कर रही है लेकिन पिक्चर Quality ख़राब है टीएमजेड एलईडी है स्मार्ट है ये सब बाद में काउंट होगा अगर पिक्चर क्वालिटी ही क्लियर नहीं है तो क्या फायदा वैसे ही अगर कोई Website नेविगेट करने में इजी नहीं है मेनू कन्फ्यूजिंग है और बटन क्लिक करने के बहुत छोटे हैं Google क्यों आपकी Website को अच्छी रैंक देगा उसको यूज़ तो अनसर्टिफाइड रह जाएंगे
2.सर्वर / डोमेन प्रबंधन – जिसके बाद सर्वर और डोमेन मैनेजमेंट जिससे Website की Common problem उसको solve कर सकते हैं Common Perfomance  या फिर Website की स्पीड एजुकेशन जैसे टास्क के लिए डोमेन और Website Hosting की अच्छी नॉलेज होना जरूरी है
3.Website एक्सेसिबिलिटी चेकअप – जब site की accessibility checkup  करना भी और उसके जो issue हैं उनको सोल्वे करना भी एक इम्पोर्टेन्स हैं अगर Google आपकी Website के किसी ख़ास Page तक नहीं पा सकता है या आप Robots.txt के जरिए अपनी Website को ब्लॉक कर लेते हैं तो फिर क्या फायदा होगा Rank नहीं भी मिलेंगे
Robots.txt 
website एक्सेसिबिलिटी चेकअप के बारे में website एक्सेसिबिलिटी का इम्पोर्टेंस Search Engine के लिए वही हैं जो रियल ह्यूमन के लिए यूजर एक्सपीरियंस का है आपको कुछ चेकअप करने जरूरी हैं Robots.txt Google या जीतने भी इम्पोर्टेन्स चीज़  है जब भी आपकी website पर विजिट करेंगे सबसे पहले Robots.txt को देखेंगे और उसके इन्स्ट्रक्शन फॉलो करेंगे एक बहुत ही छोटी सी और बहुत ही इम्पोर्टेन्स File है Robots.txt कि आपकी website के Root folder पर होती है और हर website की Robots.txt File का Link एक ही होता है किसी Website के आगे Robots.txt लेकर आप उस website की Robots.txt File को देख सकते हैं Robots.txt File का फार्म का सिंपल होता है आपको पहले अनाउंस करना होता है की ये इन्स्ट्रक्शन के Search Engine के बारे में है हम लिखते है यूज़र एजेंट से निकालें और फिर या तो आप उस यूज़र एजेंट का नाम लिख सकते हैं या अगर आप सारे  हैं जिसे आप Search Engine से छुपाना चाहते हैं Search website- https://sample.com/Robots.txt
SAMPLE Robots.Txt File
User-agent:*
Disallow:
Sitemap:https://sample.com/sitemap.xml
और फिर दूसरी लाइन में टाइप करते हैं Sitemap ऐड के बाद से निकालें अगर आप यहाँ गलती से किसी File या folder को Disallow कर देते हैं तो Search Engine से तुरंत गायब हो जाएगी example के लिए अगर आप लिखते हैं इस फॉक्स लाइफ का मतलब हुआ कि आप की पूरी की पूरी जरूर प्रक्रिया की होस्टिंग Google Search से या बाकी Search Engine से गायब हो जाएगी अगर आप इन स्पॉट्स टाइप कर देते हैं तो आपकी Web site का कोई भी Page ब्लॉक नहीं होगा लेकिन जो सारीं हैं वो Search से हट जाएगी तो आपको एम जे उसके ऑल टाइम या टाइटल site से मिलने वाले SEO बेनिफिट है वो बंद हो जाएगा site का यूआरएल अगर Robots.txt File में देते हैं तो बहुत अच्छा है बट कंपलसरी नहीं हैं  आप Robots.txt File में site का URL दें |
Sitemap
Sitemap आपको बताता है कि कहीं कुछ प्रॉब्लम है  वो ऑटोमेटिकली site जनरेट कर लेता है जो SEO Sitemap Generate होता है उसका लिंक होता है https://example.com/sitemap.xml  आपकी website के लिंक है  Google Search console Google analytics और Bing Webmaster tools  इन सारे tools का यूज़ किया है Google Search console है Google को कन्फर्म करता है
4.Google / Bing / इत्यादि से उपकरण सेट करना – इसके बाद Tools का सेटअप Google search console,Google Analytics,Microsoft Webmaster  Facebook pixels tools को Website के साथ लिंक करना सेटअप करना कंपलसरी है
5. Keyword खोज – इसके बाद है Keyword रिसर्च  है Website किसी भी बिज़नेस के बारे में हो लेकिन उसके लिए अच्छे यूज़फुल Keyword छोड़ना एक इम्पोर्टेंस उसके अच्छे Keyword के साथ और उसके लिए सही Content लिखना लिखवाना जो SEO फ्रेंडली हो ये भी इम्पोर्टेन्स फैक्टर है ये Content Page में कहाँ और किस तरह से पब्लिश होगा ये भी ऐसी है उसकी Responsive है एक Page में Content दो टाइप का होता है और दोनों टाइप के Content की अपनी स्पेशियलिटी होती है अपना यूज़ होता है यदि Google और बाकी सारे Search Engine यूज़ कर रहे हैं इसके कितने अलग अलग टाइप है |
6. सामग्री योजना और प्रकाशन – keyword रिसर्च की तरफ keyword search का बेस है आप जो भी वर्ड यूज़ करते हैं किसी सर्च के लिए उसी के बेस पर Google या कोई भी Search Engine आपको सर्च शुरू करें  Google ने काफी पहले से keyword के साथ यूजर की लोकेशन और profile को देख के सदस्य  को कस्टमाइज करना शुरू कर दिया था बट बीआरटी जैसे अल्गोरिदम Google को Search में यूज़ हो रहे वर्ड और फ्रेज को ज्यादा एक्यूरेटली समझने में हेल्प करती है keyword रिसर्च के साथ इंटरनेट Search भी एक ब्रांच भी निकल के आना शुरू हो गई है जिसमें SEO keyword के एंड को भी कैटेगराइज करते हैं कि वो इन्फोर्मेशन है कमर्शियल हैं या एंटरटेनमेंट के लिए है बट अभी keyword सर्च में हम दो फिगर्स को ढूंढ़ते हैं मैनली नंबर वन लोग किस keyword को search करने के लिए यूज़ कर रहे हैं और नंबर दो कितने लोग उस keyword को यूज़ कर रहे यानी की उसका वॉल्यूम search है उस keyword के लिए वह क्या है आपको खुद keyword बताने की कोशीश करते हैं बट प्रॉब्लम ये है कि उनकी keyword को आपको बता रहे हैं वो सोचते है की लोग यूज़ कर रहे हैं keyword रिसर्च का फर्स्ट हैं अपने  प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को समझना ताकि अपने कस्टमर्स और उन कस्टमर्स की जो एक्सपेक्टेशन है उनको समझ सकते हैं कभी भी बिना क्लाइंट के प्रॉडक्ट या सर्विस को समझें हुई keyword research  को दिए आपका टाइम वेस्ट है आपको keyword क्लाइंट के लिए नहीं बल्कि  कस्टमर्स के लिए रिसर्च कर रहे हैं एक बार अपने क्लाइंट की प्रॉडक्ट या सर्विस को आप समझ लेते हैं उसके बाद आपको देखना है कि इस keyword यूज़ करते है   क्या इन search के लिए यूज़ हो रहे हैं क्या ये Search इस लोकल नेशनल है या इंटरनेशनल है keyword के आइडियाज़ search वॉल्यूम और कॉम्पटीशन की इन्फोर्मेशन के लिए टूल्स आप यूज़ कर सकते हैं Google का अपना keyword प्लानर  फ्री टूल है हैउसके अलावा keyword को आप Search Engine Page से भी एक ट्रैक कर सकते हैं keyword रिसर्च के ऊपर Search वॉल्यूम और कॉम्पटीशन को कवर करने के बाद आपको चेक करने है दो इम्पोर्टेन्स क्या ये keyword सीज़न के ऊपर डिपेंड करते है और keyword जॉब ढूँढ रहे हैं क्या बोलो कल है नेशनल है इंटरनेशनल है यार वो इंडियन है तो उसमें किस एरिया में उसे ज्यादा पॉपुलर है keyword का सीज़न यूज़ करते हैं
  1. Google Keyword Planner
  2. SEM Rush Keyword Planner
  3. MOZ Keyword Research
  4. Keyword everywhere

 

7.संरचित डेटा कार्यान्वयन / परीक्षण – आपकी Website की इन्फोर्मेशन को समझने में Search Engine की हेल्प करता है ये structured Data कई तरह का होता है जिसका एक ज्यादा पॉपुलर टाइप है इसकी Schema Data सोच की Schema Data structured data एक प्रकार है  Google प्रिफरेंस देता है और Google 95% ज्यादा Search Engine मार्केट शेयर रखता है तो डिफेंडिंग कि आप किस कंट्री में है सो इसलिए इसकी Schema Data बाकी और तरह के structured Data से ज्यादा यूज़ किया जाता है Schema Data structured data में क्या डिफरेंस हैं और ये एक ही चीज़ है अभी स्कूल में बताइए की यूट्युब का लोगो कहाँ पर है जो भी फर्स्ट वीडियो है उसका टाइटल कहाँ पर ओब्विअस्ली आप ढूँढ कर बता सकते है इसमें टाइम लगता है Search Engine उसके सामने सीन यही प्रॉब्लम Website पर आती है क्योंकि Search Engine प्रोग्राम्स हैं और प्रोग्राम्स Website के इस रूप को नहीं देखते बल्कि इस code language को देखते हैं जब Website page  बहुत सारे होती है लेकिन किस टैक्स की इम्पोर्टेंस किया है ये कैसे पता चलेगा  आपने अपनी Website में अपना फ़ोन नंबर दिया हुआ है जो आप अच्छे से मोटे मोटे फोंट और सुंदर से कलर में लिख रहे हैं उसे प्रजेंट कर रहे हैं Search Engine crawl इसे आसानी से नहीं देख सकते हैं कोई अपना फ़ोन नंबर को बोल्ड दिखने के लिए Bold tag  यूज़ कर सकता है आपके Page पर आने वाले जो Search Engine Crawl है उनको कैसे पता चलेगा इस पूरे Page में आपकी बिज़नेस का फ़ोन नंबर कहाँ हैं आपके बिज़नेस का लोगो कौन सी इमेज है इस प्रॉब्लम को सोल्वे करता है structured Data जिसमें जरूरी इंफॉर्मेशन को एक फिक्स पैटर्न में Web Page में ऐड किया जाता है और उसकी Schema Data structured data का एक ख़ास टाइप है अगर हम एक बिल्कुल बेसिक Schema डेटा को देखें

<Script Type=”Application/Id+json” >
{
“@conteXt”:”https://schema.org”
“@type”:”person”,
“name”:”Amit Tiwari”,
“Url”:https://AmitTiwari.net”,
“Image”:”https://amittiwari.net/logo.jpg”,
}
</script>
और इसकी Schema website का structured data है ये data किस के बारे में है इस लाइन से पता चल जाता है कि एक पर्सन के बारे में स्पर्शन का नाम क्या है टैक्स लाइन में लिखा हुआ है नेम अमित तिवारी सुनील स्पेशल है कि इस पर्सन की Website क्या है टैक्स लाइन है यूआरएम डॉटनेट और इसी तरह से टैक्स लाइन में आपको लोगों इमेज का लिंक मिल जाता है  Search Engine को टाइप नेम यूआरएल और लोगों की इन्फोर्मेशन एक झटके में देता है उसे कुछ भी guess करने की जरूरत नहीं है कुछ फिर आपका कोई जरूरत नहीं है  प्रॉडक्ट Website लोकल बिज़नेस और एजुकेशन और भी काफी अलग अलग टाइप की स्कीम Data होते हैं जिन्हें आप अपनी Website यूज़ कर सकते हैं  अगर आपकी Website में जितनी Pageेस है जो इसमें ऐसी इन्फोर्मेशन है जिसे schema फॉर्मेट में दिखाया जाता है  Google की इकलौती शर्त यह है कि जो भी Data आप Schema टाइप या structured Data फॉर्मेट में दिखा रहे हैं उस Page में रियली में सबको विजिबल होना चाहिए दिखाई देना चाहिए  कि आपकी Website एक एडवोकेट के ऑफिस के बारे में है और आप लोकल बिज़नेस टाइप का सीमा Data इस Website में होम Page के लिए यूज़ करना चाहते हैं तो आप बिल्कुल यूज़ कर सकते हैं अब इस Website में यह Page हो सकते हैं लेकिन आपको हर Page में Schema Data को ऐड करने की जरूरत नहीं है अगर आप इस Website के किसी ख़ास Page में कस्टमर्स के लिए एफएक्यू सेक्शन रखते हैं तो वहाँ पर आप एक यूथ आइकन स्कीम में Data जोड़ सकते हैं ये अगर आपकी गैलरी Page बनाते है तो वहाँ पर इमेज सब्जेक्ट स्कीम में Data जोड़ सकते हैं उसी Page में बट हर Page में एक ही टाइप का स्कीम में डेटा जोड़ना ठीक नहीं है अभी हाल schema Data के लिए Google ने गाइडलाइंस इशू की है अगर एक ही टाइप का स्कीमें Data बार बार Page पर रिपीट हो रहा है तुम्हें भी Google से फ्यूचर में जल्द ही बंद कर दें  Google बिज़नेस की अभी जो पॉलिसी है उसके हिसाब से सिर्फ एक WebPage एक Google लिस्टिंग में यूज़ करना चाहिए ध्यान दीजिये की मैं WebPage बोल रहा हूँ Website नहीं अगर आपके बिज़नेस की एक से ज्यादा लोकेशन हैं तो आपको अपनी Website पर हर लोकेशन के लिए एक अलग Page बनाना चाहिए आप अपनी Website पर दो बिज़नेस यानी की दो अलग अलग Page बना सकते हैं अगर आपको उसका प्रिंसिपल समझ में आ जाता है  तो आसानी से इंप्लीमेंट कर सकते हैं google tag manager को यूज़ करके लेकिन google tag manager  को तभी यूज़ करना चाहिए जब आप आसानी से अपनी current Website में Schema Data को जोड़ नहीं सकते हैं |
8.बैकलिंक कमाई / विश्लेषण – Back Links  मैं किसी Web Page में आपकी Website की किस Page को मिलने वाला एक लिंक है मान लेते हैं कि आपकी Website है sample.com तो जब भी किसी दूसरे Page sample.com को हाइपरलिंक दिया जाएगा तो आपकी उस Website के लिए उस page के लिए Back Links हो जाएगा Google इन Back Links को गिनकर ये डिसाइड करता था कोई Web Page कितना इम्पोर्टेन्स है  इस Website की रैंक ज्यादा है SEO शुरुआती दौर में लोगों ने विचार कर लिया कि अगर Back Links से Page रैंक बढ़ती है तो ज्यादा से ज्यादा Back Links बनानी चाहिए किसी भी Website पर जाकर Back Links बनाना शुरु कर देते हैं Google जल्द ही सिचुएशन पर कंट्रोल करना शुरू किया और दो हज़ार बारह की पैड मैन अपडेट से इस तरह की  स्पैम Back Links  सिर्फ Page रैंक एल्गोरिदम से हटा दिया गया बल्कि ऐसी Website या इस लिंक देने या लेने वाली Website होती हैं उनको पनिश करना शुरू कर दिया Back Links से पहले अपने Content पर फोकस करना चाहिए कोई अच्छी Website आपकी Website को तभी Back Links देगी जब आपकी खुद की Website में कोई Content अच्छा होगा हाई Website है तभी आपको Back Links सक्सेसफुल हो सकती है और एक्सटर्नल Back Links के अलावा इंटरनल Back Links पर भी ध्यान दीजिए इंटरनल लिंक आपकी Website के इम्पोर्टेन्स Page को रैंक करने में हेल्प करती हैं Home Page  सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्स होता है और Home Page से जो भी इंटरनेट links होते हैं उन्हें Google इम्पोर्टेन्स मानकर Page रैंक पास करता है अगर आपको किसी एक्सटर्नल Page को लिंक देनी है तो उसे Home Page से कभी भी लिंक नहीं करना चाहिए एक्सटर्नल Page आपकी Page रैंक low करते है इंटरनल Page को भी लिंक करते टाइम एंकर टैक्स पर ध्यान रखें
तीन मेजर इम्पोर्टेन्स पॉइंट है back links बनाने के लिए |
1, टॉक्स यानी की ख़राब जरी Back links मत बनाइये |
2. अच्छा Content बनाए जीसको लोग Back Links दे |
3. इंटरनल Back links को कंप्लीटली इग्नोर मत कीजिए |
यह लिस्ट में अपना खुद का एक्सपीरियंस कहानी है मेरे हिसाब से चार पॉइंट काफी इम्पोर्टेन्स होते है
1. Website की एज और पास क्या है यह ऐसा कहा जाता है कि जितना पुराना डोमेन होगा जल्द ही रैंक करेगा बटा तीन चार परसेंट से ज्यादा इसका कोई फायदा या नुकसान नहीं होता है
2.Website की Back Links प्रोफाइल क्या है अगर Back Links पॉज़िटिव है रेलेवेंट है तो आसानी होगी  अगर टॉक्सिक लिंक है उनको रिजेक्ट करने में काफी टाइम लगा जाता है इसके बाद पॉज़िटिव असर दिखाई देना शुरू होता है
3. अगर Website का Content आलरेडी बेकार है तो आप को सही करना होगा उसने बहुत सारे लोकल Website में जो Back liks होते हैं जिनको हटाना होता है
4.सबसे बड़ा इम्पोर्टेन्स पॉइंट है आपका बजट कम होगा तो हम लोग आपकी Website पर काम करेंगे राइटर या तो अच्छे ही मिलेंगे या फिर जितना कॉन्टैक्ट Website में जरूरी है उतना नहीं मिलेंगे
9. ट्रैफिक डेटा के analysis – Google Search Console आपको Website की रिपोर्ट देता है जैसे टोटल इंप्रेशन टोटल क्लिक एवरेज पोल्लुशन एनसीआर की इन्फोर्मेशन search की वर्ड टॉपिक पे जिन country से ट्रैफिक मिल रहा है जो डिवाइस से आपको ट्रैफिक मिल रहा है आपकी Website को कौन से Page में सबसे ज्यादा back links मिली हुई है कहाँ से लिंक मिली हुई है इनकम टैक्स क्या है इंटरनेट लिंक Page कौन कौन से हैं ये सारे जो रिपोर्ट है आपको Back Links और Index के बारे में इन्फोर्मेशन देने वाले काफी सारे टूल्स ऑनलाइन मिल जायेंगे यहाँ आपको इन्फोर्मेशन स्थिती Google के Data बेस से मिल रही है उसकी क्वालिटी के बारे में ट्रैफिक के अलावा आपको काफी सब और भी इम्पोर्टेन्स रिपोर्ट देखने को मीलती है जैसे की स्पीड रिपोर्ट Website की स्पीड के बारे में रिपोर्ट देती है कितने पीछे फास्ट स्लो है या एवरेज है मोबाइल यूज़ रिपोर्ट Website की रेस्पोंसीबीलिटी रिलेटेड को बता सकती है आपको Search console से मिल जाता है दस चीजें है कि अब आप ये सारा डेटा expose कर सकते हैं आप सिर्फ उसी Website  को वेरिफाई कर सकते हैं जिसकी होस्टिंग का खर्च आप खुद दे रहे हैं यूट्यूब चैनल फेसबुक Page या जो ये बाकी सॉरी प्रॉपर्टी है रियली में आपकी अपनी होती है आप सिर्फ यूज़ कर रहे हैं  Analytsis टूल आप यूज़ कर सकते हैं सबसे ज्यादा यूज़ करना चाहिए आपको Google Analytics कंप्लीट इंफॉर्मेशन आपको प्रोवाइड करती है Google Analytics Website की ट्रैफिक के बारे में इन्फोर्मेशन देता है इस ट्रैफिक सोर्स उसका बिहेव्यर उसका ओरिजिनल डेस्टिनेशन बताता है Google Analytics आपको ट्रैफिक के source के बारे में और रेफरी इसके बारे में प्रमोशन देता है टाइम फिट यूजर टेंशन और अलग अलग ऐड कैंप इनके जरिए आने वाले ट्रैफिक को कैटेगराइज कर सकते हैं और एनालाइज कर सकते हैं और ये सारे टूल्स आपको Google Analytics के अंदर मिलते हैं और इन सारे फीचर्स के बारे में जो बेसिक इंफॉर्मेशन है और ऐड्वैन्स इन्फोर्मेशन है वो आपको हमारी Google से मिल जाएगी  Data को आसानी से समझने और विजुअलाइज करने में हमारी हेल्प करता है Google Data Studio जो एक फ्री टूल है Google Data Studio काफी अलग अलग सोर्स से Data को इंपोर्ट कर सकता है Data इंपोर्ट करने के लिए Google डेटा स्टूडियो कैरेक्टर्स को यूज़ करता है और Google ने अपनी काफी सारे सर्विस के लिए फ्री कनेक्टर्स लॉन्च हैं इसके अलावा काफी सारे थर्ड पार्टी कनेक्टर्स भी है अधिकतर थर्ड पार्टी कनेक्ट होते हैं वो पेड़ होते हैं इसके अलावा Google Data स्टूडियो आपको डायरेक्टली सीएसवी फॉर्मेट में Data अपलोड करने का ऑप्शन देता है आप लगातार अपनी इसी स्ट्रेटजी को ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं  अपनी Website के ट्रैफिक के track और Back Links को देखकर आपको अपनी रैंकिंग कीवर्ड को बढ़ाना होगा जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक मिल सके हर Website डिफरेंट होती है उसका टारगेट ऑडियंस डिफरेंट होता है और उसी के बेस पर ऐसी स्टडी भी डिफरेंट हो जाती है ये एक टाइम देने वाली बस एक और उसमें प्रॉब्लम तब होती है जब आप इसे जल्दी से जल्दी करने की कोशीश करते हैं |

Symptoms of low Quality Website

अपनी website को Low Quality Tag से बचाने के बारे में Google Site Score Quality,Medium Quality एंड High quality  से कैटेगरीज में डिवाइस करता है डिवाइड करता है और ये डिवीज़न ऑटोमेटिकली एल्गोरिदम के जरिए भी होता है और मैनुअल रिव्यु के साथ भी हो सकता है Google आपको आपकी site की कैटेगरी शो नहीं करेगा कभी बट हम बात करेंगे कि आखिर किन वजहों किसी Web site क्वालिटी स्कोर मिलता है और कैसे आप उस लोकल Score से अपनी website को बचा सकते हैं

  1. UnMaintained Website
  2. Outdated Website
  3. Bad Page Design
  4. Spammy Comments
  5. Fake Information
  6. Keyword Stuffing
  7. Missing Contact Information
  8. Auto generated Content
  9. Not Follow google guidelines
  10. Only created to make money

Myths of SEO

1.हमें कुछ ऐसी चीजें डिसकस करना है जो सही नहीं है SEO से रिलेटेड काफी सारे टर्म्स हैं जिनको लोग कई बार बार बार रिपीट करते रहते हैं कभी आपने ब्लैक डॉक्टर सुना है कभी कोई ब्लैकहैड पायलट देखा है कोई ब्लैकहेड एक्टर देखा है आपने फिर Black Hat SEO कैसे आ गया सिर्फ एक प्रोसेसर होती है जिसे कहते है SEO और बाकी सब spam हैं  कोई भी टेकनिक जो खुद को Black Hat SEO होने का दावा करती है वो बेसिकली spam है ये Black Hat SEO नाम की ग़लत फॅमिली है
2.जब Keyword Density पर लोग ज्यादा फोकस करते थे तब भी अधिकतर लोग Keyword एंट्री को कैलकुलेट नहीं कर पाते थे अगर कोई 100 Words Article में कोई Keyword 5 बार रिपीट हो रहा है Keyword Density 5% नहीं होती है Myths ये जो है वो थोड़ी ज्यादा टेक्निकल है Do follow   को Google ने सितम्बर 2019 से impress की जगह suggestion मारना शुरू कर दिया था मतलब अगर कोई Website किसी लिंक के साथ No Follow और Do Follow Tag देती है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है Google डिसाइड करेगी  कि उसे Page Rank करनी है या नहीं और यह हमें दूसरे पॉइंट पर लेकर आता है
3.Back Links की इम्पोर्टेंस DA डिसाइड नहीं होती है रेलेवेंसी से डिसाइड होती है हर साल दुनिया के सबसे ब्रिलियंट ऑफ इंजीनियर्स को मोटी सैलरी और फ्री खाने पर इसलिए Hire नहीं करता है No Follow से प्रोFile जो Back Links मिल रही है उन सब लोग बन जायेंगे ऐसी Back Links से ही आपकी Website का बेड़ा गर्क होता है और जस्ट एक बार और आप ऐसे आइडियाज़ देने वालों से पूछिए कि अगर ऐसी लिंक अभी भी काम करती है Google की पेंग्विन अपडेट के चिड़ियाघर के बारे में थी
4.डुप्लिकेट Content पेनल्टी Google ने कभी भी कोई डुप्लिकेट Content पेनल्टी नहीं निकाली थी फर्क सिर्फ इतना है कि अगर आप तीन Page पर एक ही Content यूज़ कर रहे हैं तो Google में सिर्फ एक को ही रैंक करेगा और क्योंकि आपके तीन Page एक दूसरे के साथ ही एक ही स्पोर्ट के लिए फाइट कर रहे हैं तो अल्टीमेटली अपना ट्रैफिक लोड करते हैं रैंक यूज़ करते हैं इसलिए Canonical tag यूज़ किए जाते हैं ताकि आप Google को बता सके कि इन Page उसका जो Content है मुझे जैसा है और इसके बाद आपको जो उनकी रैंक है कंबाइंड करनी है यहाँ पर एक बात ध्यान रखें कि डुप्लिकेट Content एक बात है और किसी और Website से पूरा Content उठाकर अपनी site पर लगातार पोस्ट करते रहना एक पूरी तरह डिफरेंट चीज़ है इस स्क्रैपिंग बोलते है इस पर मैने एक्शन होता है और Google से आपकी Website Index डिमोट हो सकती है इससे बचना चाहिए |
5.Google Adwords रैंक बढ़ती है और दैनिक Search Result अलग होते हैं पैड्स कंप्लीटली अलग चीज़ है दोनों ही डिफरेंट पॉलिसीज हैं दोनों का डिफरेंट न्यूज़ है Google और उसकी पैरेंट कंपनी अल्फाबेट की मार्केट वैल्यू 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है
6.अगर Website का डिजाइन सही नहीं होगा उसमें आने वाला यूजर जो है उसको इन्फोर्मेशन नहीं मिलेंगे तो दुबारा नहीं आएगा  अगर आपकी Website किसी डॉक्टरी के लिए तो यूजर को कॉन्टैक्ट इन्फर्मेशन या बुकिंग का जो फॉर्म है वो नहीं मिल रहा है या कॉन्टैक्ट उसका बटन क्लिक नहीं हो रहा है तो ये बैड यूजर एक्सपीरियंस है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी Website इतनी पास है सबसे फास्ट खाली ब्लैंक Page स्टील वाला होता है उसका क्या करेगा कोई अपनी Website को एक visitor की तरह visit करके देखिये कि क्या आपका Page इन्फोर्मेशन जल्दी से जल्दी प्रोवाइड कर रहा है जो आपके Visitor चाहिए अगर नहीं तो रीज़न पता करें और सोल्व करिए बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं
7.जो स्लाइडर के पीछे बहुत परेशान होते हैं उल्टे सीधे बैनर डिजाइन करवातें हैं अगले साल की Website एक्चुअल में फोटोग्राफी के बारे में है यूजर्स आपके बैनर में 99% टाइम कोई इंटरेस्ट नहीं होने वाला है बेकार Page को स्लो बनाएगा और जगह दिखाएगा डिजाइन सिंपल होना चाहिए बटंस क्लिक या टैप करने में कंफर्टेबल होने चाहिए और टैक्स पड़ने में easy होना चाहिए Website का Mobile Friendly होना कंपलसरी हैं Website पर Responsive होना कंपलसरी है  उसे Responsive एव Mobile Friendly बनाएं  उससे काफी सारे अलग अलग तरीके बट बेसिकली जैसे आप उसको Responsive बनाएंगे ये अपने आप चला जाएगा तो यूजर को यूज़फुल और एक्शनेबल इन्फोर्मेशन दीजिये ये सबसे जरूरी एलिमेंट है
8.इसके बाद Website की स्पीड आजकल आप हर दूसरे Blog में देखेंगे कि लोग Website की स्पीड बढ़ाने की बात करते हैं जो कि एकदम सही है Website फास्ट होनी चाहिए क्या आप जानते हैं कि Website फास्ट होने से SEO में कोई Direct बेनिफिट नहीं मिलता है  आपकी Website की स्पीड अगर 100 है website  पर तो आपकी रैंक एक परसेंटेज भी बेनिफिट नहीं पाएंगे सुपरस्टार हैं फिर Website की स्पीड पर इतना फोकस क्यों करते हैं सब लोग बेसिकली Google slow Website को पनिश करता है  रेस दो तरीके की होती है पहली बार मैदान वाली रेस जो सबसे पहले पट् टी को टच करेगा वो जीतेगा और दूसरी रेस होती हैं शेर वाली जो सबसे पीछे जाएगा उसे शेर खा जाएगा तो Website का फास्ट होना इसलिए जरूरी है क्योंकि अगर आपकी Website की स्पीड सब से कम है तो Google आपकी रैंक को कम कर सकता है Website की स्पीड पर फोकस इसलिए करता है अगर Website की स्पीड ज्यादा होगी तो यूजर को Website लोड होने का वेट नहीं करना पड़ेगा Google बेसिकली आपकी Website की स्पीड बढ़ाने के लिए डरा रहा है ताकि आपका ही यूजर वेट न करता रह जाए क्योंकि उनको पता है कि आप खुद Website की जो यूज़र हैं उसकी चिंता नहीं करेंगे आपको सिर्फ रैंक चाहिए

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