God Particle क्या है ? Higgs Boson or Higgs field Explain in Hindi

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God Particle or Higgs Boson क्या है ? Higgs field Explain in Hindi : वैज्ञानिक की रूचि हमेशा से ही ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने में रही है सुलझा दिया है से बड़ी भौतिक विज्ञानकी प्रयोगशाला स्विट्जरलैंड  में एक महाप्रयोग किया गया था स्विट्जरलैंड में जमीन के नीचे 27 किलोमीटर लंबी बनी इस प्रयोगशाला में प्रोटॉन particle की कराई गई थी | इस टक्कर के दौरान एक Higgs Boson यानी God Particle की पहली झलक देखने के लिए मिली थी |  Higgs Boson particle यानी God Particle ये वो कर हैं जिसकी वजह से सभी छोटे छोटे कणों जैसे की सोना में आदि द्रव्यमान आता है | टेक्निकली देखा जाए तो Higgs Field एक ऊर्जा है जो पूरे ब्रह्मांड में हर जगह पर मौजूद है और इस Field के अंतरप्रतिक्रिया जो भी कराता है उसमें Mass यानी द्रव्यमान आ जाता है अगर God Particle नहीं होता तो ब्रह्माण्ड के किसी भी छोटे छोटे चीज़ें ग्रेविटी या गुरुत्वाकर्षक भी नहीं होता कण के बीच कोई ग्रेविटी नहीं होती ना ये धरती बनती ना कोई ग्रह बनता ना कुछ तारा बता ना कोई गैलेक्सी बनती और ना ही ब्रह्मांड बनता है अब आप कुछ सकते हो की अगर God Particle नहीं होता तो क्या होता है | अगर God Particle न होता तो संपूर्ण ब्रह्मांड का अस्तित्व भी नहीं होता की वजह से ब्रह्मांड का अस्तित्व कैसे है आइए जानते हैं |

God particle क्या हैं ? Higgs field Explain in Hindi

कोई भी बॉडी चाहे रेस में हो या स्थिर में जब उसके स्थिति को चेंज करने की कोशीश करते हैं तो आप उसकी तरफ से प्रतिरोध महसूस करते हैं इस प्रतिरोध को ही हम Massकहते हैं उदाहरण के तौर पर जब एक स्थिर ट्रेन को आप धक्का देकर आगे बढ़ाने की कोशीश करते हैं तो आप उसके Mass एक्सपीरियंस करते हैं अगर अभी आप Mass्को नहीं समझ पाए तो चलिए इसे और थोड़ा आसान बना लेते है हम जानते हैं कि कोई भी वस्तु जिसका अपना कोई Mass न हों वो हमेशा Light की रफ्तार से यात्रा करता है जैसे की Photon यानी की आसान भाषा में हम ये कह सकते हैं कि कोई भी वस्तु जो लाइट की रफ्तार से यात्रा नहीं कर रहा उसका अपना कुछ Mass जरूर होगा इससे पहले की आगे बढ़े मैं आपको बताना चाहता हूँ कि Mass Weight समझने की गलती बिल्कुल न करें | Weight में गुरुत्वाकर्षणका भी योगदान होता है जबकि Mass का इससे कोई लेना देना नहीं होता इसलिए किसी भी बॉडी का Mass ब्रह्मांड में हर जगह पर सेम ही रहता है जबकि उसका Weight अलग ग्रह पर उस ग्रह की गुरुत्वाकर्षण के आधार पर बढ़ सकता है और घट भी सकता है हम जानते हैं कि इस ब्रह्मांड में मौजूद हर वस्तु का अपना एक Mass होता है अगर मैं आपसे ये पूछूं कि यह Mass आता कहाँ से हैं तो आप कहें उन particle से जिससे वो बना है जैसे कि एक ट्रेन का Mass उसके अलग अलग डिब्बा के Mass का कॉम्बिनेशन होता है अगर हम Quantum लेवल पर देखें | Quark और लैटेंसी मैटर के बिल्डिंग ब्लॉक्स होते हैं यानी कि उनसे छोटा कुछ नहीं होता क्योंकि particle किसी और चीज़ से नहीं बने हैं इन्हें पूरी तरह से Mass Less होना चाहिए पर असल में ऐसा नहीं है क्योंकि हम अच्छी तरह से जानते हैं कि इलेक्ट्रॉन्स का भी अपना Mass होता है और अलग अलग तरह से क्वास का भी ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन particle में Mass आता कहाँ से हैं इस ब्रह्मांड में ऐसा क्या है जो इन्हें Mass दे रहा है सवाल ये भी है कि जब कॉक्स  और इलेक्ट्रॉन्स में Mass होता है तो Photon Mass Less क्यों होते हैं 1960  के दशक में भौतिक विज्ञानी ने एलिमेंट्री particle के व्यवहार के आधार पर गणितीय समीकरण तैयार किया जिससे वो इन particle को और भी बेहतर तरीके से समझ सकते हैं इस इक्वेशन ने उन्हें और भी परेशान कर दिया | जब ये कल्पना करते हैं कि सभी एलिमेंट्री particle जैसे की इलेक्ट्रॉन पूरी तरह Mass Less  हैं तो वो गणितीय समीकरण भी आसानी से हल हो जाता और उस वैज्ञानिक के आधार पर किए गए कथन भी पूरी तरह सही होते हैं ऐसे में पीटर हिग्स सामने आए और उन्होंने अपनी नई थ्योरी दी जिसमें उन्होंने Higgs Boson or god particle  और Higgs field मौजूद भविष्यवाणी कर दिया जिन्हें हम देख नहीं सकते | जैसे electron field, गुरुत्वाकर्षण field  इत्यादि | इन फील्ड में एनर्जी देने से particle बनते हैं तथा इन फील्ड से एनर्जी एक्स्ट्रैक्ट करने से particle नष्ट हो जाते हैं जैसे की अगर इलेक्ट्रॉनों फील्ड में एनर्जी जाए तो इलेक्ट्रॉन्स बनेंगे Quark field में एनर्जी दी जाए तो Quark बनेंगे और किसी अन्य फील्ड में एनर्जी जाए तो कोई अन्य particle बनेंगे | पीटर हिग्स का कहना था कि ऐसा ही एक फील होता है Higgs field जो बाकी फील्ड की तरह ही ब्रह्मांड में हर जगह मौजूद होता है इस फील्ड में एनर्जी देने से बनते हैं Higgs Boson or god particle  | एक्सपेरिमेंट करने से पहले सारे एलिमेंट्री particle बिल्कुल Mass less होते हैं यानी कि चाहे वो electron हो या Photon सब के सब बिल्कुल mass less होते हैं Higgs field में एंट्री करने के बाद इनमें से कुछ particle Higgs field के साथ ज्यादा इंटरेक्ट करते हैं और कुछ काम जो particle Higgs field से जितना ज्यादा इंटरेक्ट करते हैं उनका सामान उतना ही ज्यादा बढ़ जाता है और जो particle Higgs field से जितना कम इंटरैक्ट करते हैं उनका Mass उतना ही कम हो जाता है जैसे की Photon Higgs field से बिल्कुल न के बराबर इंटरेक्ट करते हैं इसलिए यह mass less हैं इलेक्ट्रॉन Higgs field में थोड़ा इंटरेक्ट करते हैं इसलिए उनका Mass कम होता है जबकि quark Higgs field से ज्यादा इंटरेक्ट करते हैं इसलिए इनका mass ज्यादा होता है | अगर आप अभी भी ये नहीं समझ पाए तो चलिए इस में इस साधारण से उदाहरण से समझतें हैं चलो मान लो एक रूम में एक कॉकटेल पार्टी चल रही है जिसमें केवल भौतिक वैज्ञानिक मौजूद हैं जो कि एक दूसरे से भौतिक विज्ञान के टॉपिक पर बात कर रहे हैं अगर उस रूम में कोई साधारण सा अकाउंटेंट आ जाए तो उसमें कोई रूचि नहीं होगी इसलिए उसे कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा और वो आसानी से बाहर काउंटर पर पहुँच जाएगा | उसी रूम में अगर एल्बर्ट आइंस्टिन पहुँच जाए तो सारे भौतिक वैज्ञानिक उन्हें घेर लेंगे जिस  उन्हें उसी काउंटर पर पहुंचने में काफी ज्यादा समय लगाएगा | यह रूम  में मौजूद भौतिक विज्ञान को आप Higgs Boson or god particle  मान लीजिये रूम में पहले अकाउंटेंट को Photon मान लीजिये और आइंस्टाइन को quark जिस particle के साथ  जितना ज्यादा इंटरेक्शन होगा उस particle का Mass उतना ही ज्यादा होगा | 1964 में पीटर हिग्स ने एक मशहूर  गणित समीकरण के जरिए अपनी ये थ्योरी पब्लिश किया | उस समय नकार दिया गया इसलिए नहीं क्योंकि उनके गणित समीकरण में कोई दिक्कत थी बल्कि इसलिए क्योंकि ये बात किसी को हजम नहीं हुई कि Invisible particle को Mass भी दे सकते हैं  हिम्मत नहीं हारी और अपनी सिद्धांत कई और magazine जर्नल में पब्लिश किया जिसने उनकी सिद्धांत को गहराई से समझा उन्हें ये काफी कन्विन्सिंग लगी | जिसके कारण सिद्धांत को बाद में भौतिक विज्ञान का काफी सपोर्ट भी मिला | भौतिक विज्ञान केवल गणित समीकरण के आधार पर ये उम्मीद कर रहे थे |
पीटर हिग्स गणित समीकरण(god particle)
कि Higgs field का इस दुनिया में अस्तित्व में होना चाहिए और केवल में गणित समीकरण के आधार पर ये पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता था | इसलिए तैयारी शुरू हुई Higgs Boson को एक्सपेरिमेंटल डिटेक्ट करने की ओर निर्माण किया गया दुनिया के सबसे विशाल मशीन लार्ज हेड्रोन कोलाइडर का | परेशानी ये थी कि Higgs Boson  Invisible होता है यानी की इसे देखना संभव नहीं है ऐसे में इनकी मौजूदगी का पता कैसे लगाया जाए | मैक्स ने हमें बताया कि अगर हमारी सोच सही है और Higgs field हर जगह मौजूद है तो एक छोटे से space में अगर हम चार्ज particle को आपस में high speed टकराए तो ये टकराव Higgs field  में कुछ देर के लिए हलचल पैदा कर देगा बिल्कुल उसी तरह जैसे पानी में नाव के टकराने के बाद पानी में हलचल पैदा हो जाता है Higgs field में मचा हलचल जन्म देगा है Higgs Boson or god particle  को जिसे हम देख सकते हैं और डिटेक् भी कर सकते हैं यानी की अगर हमें किसी तरह इस Higgs Boson or god particle  मिल जाता है तो हमें पता चल जाएगा कि Higgs field भी इस दुनिया में मौजूद होते हैं इसी सोच के साथ लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर में चार्ज particle को light speed के 99.99 % के साथ टकरा जाता हैं और Higgs के पैटर्न की तलाश की जाती है जो गणित समीकरण के आधार पर Higgs Boson or god particle  उनका Higgs के पैटर्न होना चाहिए | वैज्ञानिक काफी दिनों तक उसकी तलाश करते रहे पर उन्हें कुछ नहीं मिल रहा था दिन था 4 जुलाई 2012 जब सीआरएस ने यह घोषणा की कि उन्होंने Higgs Boson or God Particle खोज कर लिया है इस खोज ने पीटर हिग्स की थ्योरी को पूरी तरह सही साबित कर दिया जिसके लिए उन्हें 2013 में नोबल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया | आशा करता हूँ कि अभी तक आप ये समझ चूके होंगे कि Higgs field क्या है और ये क्या करता है कई लोगों कोहै कि Higgs Boson or god particle  और दूसरे particle को Mass प्रदान करते हैं और सच्चाई यह है कि ये Higgs field  का काम है न कि Higgs Boson or god particle  का |  Higgs Boson or God Particle मात्रा एक particle होते है जो Higgs field से बनते हैं आइए अब जानते हैं कि Higgs Boson को लोग God Particle क्यों कहते हैं तथा यह Higgs field हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे किसी तरह  God से संबंधित है और आपको जानकर हैरानी होगी कि ये सच्चाई नहीं है जैसा कि मैने पहले ही बताया | कि Higgs Boson or god particle  नहीं बल्कि यह Higgs field होता है जो particle को Mass प्रदान करता है अगर Higgs field नहीं होता तो सारे एलिमेंट्री particle Mass less होते हम जानते हैं कि Mass less particle हमेशा लाइट की रफ्तार से यात्रा करते हैं यानी की सारे एलिमेंट्री particle लाइट की रफ्तार से यात्रा कर रहे होते हैं | इस रफ्तार से यात्रा करने के कारण न तो इलेक्ट्रॉन nucleus का चक्कर लगा रहे होते हैं और नही neutron और proton का कभी निर्माण हो पाता यानी की इस दुनिया में नहीं ]molecules नहीं matter और ना ही कुछ और यानी की दुनिया का अस्तित्व ही संभव नहीं हो पाता | हम जानते हैं कि Space में कई तरह के Invisible Field मौजूद हैं जैसे पृथ्वी का Magnetic field ,electron magnetic field, gravitational field इत्यादि ये सब हर जगह एक जैसे नहीं हैं इनका प्रभाव कही कम होता है तो कहीं ज्यादा Higgs field मात्र एक ऐसा field है जो ब्रम्हांड में हर जगह एक जैसा है अगर इसके बारे में हम और ज्यादा जान सके तो हमें Dark matter  और dark energy जैसी कई रहस्य को सुलझाने में काफी मदद मिलेंगे | Higgs field को इतना महत्व देने के पीछे दूसरा कारण यह है कि इस Higgs Boson or god particle  के रूप में हमें Matter का बिल्कुल नया फॉर्म देखने को मिला है ऐसे फॉर्म पहले केवल गणित समीकरण तक ही सीमित था | हम जानते हैं कि एक particle में उसके Mass और charge के अलावा केवल स्पिन एक चीज़ होती है जो कभी भी बदलती नहीं है इसका स्पिन समय के साथ न तो घटता है और नही बढ़ाता है जैसे electron और quark वैल्यू सेम होता है जबकि photon का स्पिन इलेक्ट्रॉन का डबल होता है Higgs Boson or god particle  मात्र एक ऐसा particle है जिसका कोई स्पिन नहीं होता तीसरा और अंतिम कारण यह है कि इससे हमे ये पता चलता है कि गणित समीकरण से हम इस ब्रह्मांड के व्यवहार को न सिर्फ समझ सकते हैं बल्कि उस चीज़ के बारे में भी सही सही विशेषण कर सकते हैं जिसे हमने अभी तक एक्सपेरिमेंटल खोज नहीं किया है | Higgs field को तो साल 2012 में एक्सपेरिमेंट खोज किया गया जब हमे Higgs Boson or God Particle मिला पर इसके कई साल पहले ही हमने गणित समीकरण के जरिए इसके होने का बिल्कुल सटीक परीक्षण कर दिया था यही नहीं गणित समीकरण से हमने ये भी पहले ही बता दिया था कि Higgs Boson or god particle का कोई स्पिन नहीं होगा जो लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के एक्सपेरिट से एक बार फिर बिल्कुल सही साबित हुआ कई लोगों को ये भी ग़लत फ़हमी है कि Higgs Boson or god particle  इस ब्रह्मांड के सबसे छोटे particle होते हैं ये जानना भी महत्वपूर्ण है | कि स्टैंडर्ड मॉडल के अनुसार इस Higgs Boson or God Particle लगभग बनते ही दूसरे particle में डीके हो जाते हैं इसलिए हमें उनका असली साइज भी पता नहीं है इसलिए इन्हें इलेक्ट्रॉन की तरह true particle कहना भी गलत होगा | इनका Mass लगभग 125 Mev होता है |

Large Hadron Collider Explain In Hindi

समय समय पर हमको atom के अंदर नई particle  मिलते हुए आ रहे हैं और इसके लिए सबसे बड़ा योगदान है Large Hadron Collider जो कि एक Particle accelerated है जिसमें दो particle की आपस में टक्कर कराई जाती है और उस टक्कर के बाद जो चीजे हमें उन particle के अंदर मीलती है उनकी अध्ययन की जाती है जब भी हम किसी चीज़ उसकी अध्ययन करना चाहते हैं तो उसके लिए हम उस चीज़ को पढ़ते है उसके डिटेल में जाते हैं जैसे अगर आपको इस किताब को पढ़ना है इसकी अध्ययन करनी है तो आप दूर से ही देखकर इस किताब के बारे में कुछ नहीं जानना सकते उसके लिए आपको इस किताब को खोलना होगा इसकी एक एक लाइन को पढ़ना होगा तब जाकर आप इसकी अध्ययन कर पाएंगे तो ऐसे आप किसी चीज़ की अध्ययन करते हैं मान लीजिये यह एक बॉक्स है यह बहुत किस चीज़ से मिलकर बनाएं कि आपको पता करना चाहें तो आप कैसे करोगे तो इसके लिए हमको बॉक्स खोलकर देखेंगे कि वह किस चीज़ से मिलकर बना है लेकिन अगर हम इस बॉक्स को खोल नहीं सकते पर फिर भी हमको इसकी अध्ययन करनी है तो हम कैसे करेंगे तो इसके लिए हम उस बॉक्स को तोड़ देंगे और हम उसको तब तक तोड़ते रहेंगे जब तक हम को यह पता नहीं चल जाए कि यह किस particle से मिलकर बनाएं है किस चीज़ से मिलकर बनाएं तो यह भी बॉक्स की बात इसको हम किसी भी बड़ी चीजें जोड़ सकते हैं जैसे की कोई हाँ थोड़ा इसको आसानी से तोड़ा जा सकता है तो जैसे ही हम किसी चीज़ को तोड़ते हैं तो हमको दिखता है कि उसके अंदर क्या था और फिर हम उसकी अध्ययन करते हैं कि इसके अंदर ये चीजे है ऐसे ही हमने particle को तोड़ा तो हमको molecules मिले  molecules को तोड़ा हमको atom और जब हम atom को तोड़ते हैं तो हमको उसके अंदर particle देखने लगते हैं ने negative charge  वाले electron पर positive charge  में nucleus तो हमको nucleus मिला हम उसको भी देखना चाहते हैं इसके अंदर क्या है तो पता करने का तरीका क्या है उसको तोड़ दो अब तोड़ने का तरीका क्या है हम उसको किसी से टकराएंगे किसी चीज़ से हिट करवाएंगे रोज़मर्रा की जिंदगी में हम किसी चीज़ को ऐसे ही तोड़ते हैं उसको किसी से टकरा देंगे |
टकराने करने के लिए हमको उसको high energy वाले Particle टकराने  होगा अब ऐसा तो हो नहीं सकता कि हमको Nucleus को तोड़ना है तो हम हथौड़ा लेकर आ जाए उसको तोड़ने के लिए हमको उसी के साइज के particle से उसको हिट कराना होगा अब इसमें प्रॉब्लम क्या है कि अगर हमको nucleus से किसी particle की टक्कर करें तो उसके लिए हमको nucleus की साइज की एक particle की जरूरत पड़ेगी और उसको हाई speed प्रोवाइड करनी पड़ेगी वह क्यों जैसे आप किसी चीज़ को तोड़ते हैं तो अगर आप धीमी गति से मारगे वह चीज़ नहीं टूटती लेकिन अगर आप तेज मारेंगे स्पीड से मार देंगे तो वह चीज़ टूट जाती है यानी की particle के साइज़ के साथ साथ उसकी स्पीड भी  काफी मैटर करती है लेकिन अब इसमें परेशानी क्या है इसमें यह परेशानी है कि हम स्पीड कैसे प्रोवाइड करेंगे atom की लेवल पर हम स्पीड कैसे प्रभावित करेंगे तो इसके लिए एक तरफ होता है हम एक चार्ज particle लेकर आते हैं और उस चार्ज particle के अराउंड electronic field अप्लाई कर देते हैं  जब electronic field अप्लाई होती है तो electronic field चार्ज particle पर force लगाती है जिसके कारण acceleration होता है इसलिए चार्ज particle की स्पीड बढ़ने लगती है और अगर स्पीड बढ़ जाएगी तो हम उस particle की टक्कर nucleus से करा देंगे और ऐसा होने पर nucleus टूट जाएगा और हम पता चल जाएगा कि उसके अंदर क्या होता है लेकिन इसके लिए हमको एक बात का ख़ास ध्यान रखना होगा कि मान लीजिये हम positive charge particle को nucleus से टकराने के लिए भेजते हैं तो हमको इतनी स्पीड प्रोवाइड करनी होगी  कि वह repulsion के force को वापस कर पाए  जब हम पॉजिटिवली जांच particle को nucleus के पास लेकर जाएंगे तो nucleus भी positive charge particle पर एक repulsion का force लगाएगा जिसके कारण वह टकरा नहीं पाएंगे अगर हम negative charge  particle यान
कि electron को भेजते हैं तो वह nucleus के पास पहुंचते ही वह उससे चिपक जाता है क्योंकि positive और negative के बीच में attraction का force होता है और electron का mass बहुत कम होता है तो electron nucleus को तोड़ नहीं सकता इसका मतलब हमको positive चार्ज को sufficient speed प्रदान करानी होगी
जिसे वह repulsion की force को वापस कर पाए और जाकर सीधा nucleus से टकराए तो हम को positive charge particle पर electronic field अप्लाई करनी होगी जिससे उस पर force लगेगा | उसकी velocity increase होगी उसकी energy increase होगी जो की उसका acceleration होगा और ऐसी मशीन जो यह सब काम करती हैं उनको हम क्या बोलते है particle accelerator  हम एक particle accelerator   बनाना चाहते हैं तो  छोटे स्केल पर हम साइक्लोट्रॉन को बनाते हैं  अब मान लीजिए हमने एक मीटर तक electrical field को अपना और हमने positive charge को उस electrical field भेजा उस पर force लगा उसकी स्पीड बढ़ी लेकिन कब तक स्पीड बड़ी सिर्फ एक मीटर डिस्टेंस तक उसके बाद स्पीड नहीं बढ़ी और हमने देखा कि इस स्पीड से हमारा काम नहीं बन रहा है और अगर हम इलेक्ट्रिक फील्ड को बड़ा करने के लिए अपनी प्लेट्स को दूर दूर रखते हैं तो electrical field फिर तो बड़ा हो जाएंगे  लेकिन उसकी intensity कम हो जाएगी और electrical field फिर intensity हमको ज्यादा चाहिए तो हमको electrical field फिर स्टॉक चाहिए और लंबी भी चाहिए और दोनों चीजें एक साथ हो नहीं सकती तो इस परेशानी को दूर करने के लिए हमने एक और चीज़ का सहारा दिया वो है magnetic field  का magnetic field charge particle की दिशा को चेंज कर देती है | तो हमने एक ऐसा डिवाइस बनाया जिसमें दो magnet हैं और electrical field फिर बीच में है इसका डायग्राम आपको स्क्रीन पर दिख जाएगा |
cyclotron
बीच में एक source  हैं जो कि positive charge  फायर करता है अब positive charge जब electrical field होता है तो उस पर force लगता है उसकी velocity increase  होती है velocity तब तक increase होती है जब तक वो electrical field में थे लेकिन जैसे ही वो magnetic field में आता है तो उसकी दिशा चेंज हो जाती है लेकिन यहाँ पर एक और परेशानी आती है कि जब उसकी दिशा चेंज होती है तो जब वापस से इलेक्ट्रिक फील्ड में प्रवेश करता है electrical field एक स्पेशल के दिशा में है और वो positive charge उसके उलटा दिशा मुकर रहा है तो इस हिसाब से उसकी velocity increase होने की बजाय कम हो जानी चाहिए तो इस परेशानी दूर करने के लिए हमें oscillator लगाते हैं ये oscillator electrical field के दिशा को चेंज करता रहता है positive charge के हिसाब से की जब positive charge electrical field में रहेगा | तो electrical field की दिशा भी उसी दिशा में रहेंगी और जब वापस से magnetic field में दिशा चेंज करके आएगा तो oscillator electrical field के दिशा  को फिर से चेंज कर देगा | और oscillator का काम electrical field की दिशा चेंज करने का होता है अब positive charge electrical field में होता है तो उसकी velocity रिलीज होती है जब वो magnetic field में जाता है तो उसकी दिशा चेंज होती है | तो ऐसे ही ये प्रक्रिया यह चक्र रिपीट होती रहती मान लीजिये एक बार electrical field में जाने पर उसकी स्पीड 10 गुना increase होती है तो अगर उसने हज़ार साइकिल कर ली तो उसकी स्पीड दस हज़ार गुना ज्यादा तेज हो जाती है mउस पर charge की स्पीड कितनी हो गयी दस हज़ार गुना ज्यादा increase हो गई तो हम उसको एक दूसरे positive charge से टकरा सकते हैं और अपने अध्ययन कर सकते हैं तो यह दी cyclotron की बात cyclotron की तरह ही उसी के प्रिंसिपल Large Hadron Collider भी सेम तरीके से वर्क करता है लेकिन काफी बड़े स्केल पर वह भी एक तरीके का particle accelerator है बिल्कुल cyclotron की तरह ही उसमें भी positive charge particle की स्पीड को बढ़ जाता है आपस में टकराए जाता है और इस टक्कर के बाद हमको उन particle में अलग अलग चीजें देखने को मीलती है इसी तरह ही God particle की डिस्कवरी हुई | Large Hadron Collider किया है एक तरीके का cyclotron है उसमें भी electrical field होती है उसमें magnetic field होती है |

Large Hadron Collider लिमिटेशन भी है |

एक फिक्स लिमिट के बाद हम positive charge की स्पीड को नहीं बढ़ा सकते क्योंकि ऐसा होने पर positive charge आउट स्टेप हो जाएगा था हमारा oscillator आउट ऑफ स्टेप  हो जाएगा यानी की oscillator जब इलेक्ट्रिक फील्ड के डायरेक्शन को चेंज करता है तो positive charge oscillator के हिसाब से उस समय electrical field  में पहुंचे निभाता ऐसा होने पर positive charge आउट ऑफ स्टेप   हो जाता है इसका मतलब स्पीड बढ़ने की बजाय घटने लगती है अब आउट ऑफ स्टेप क्या होता है इसका एक रीज़न थे क्योंकि ये जो particle एक्सिलेटर हैं इनमें speed of light  को अप्रोच करने लगती है और आइंस्टीन की theory के अनुसार अगर कोई बॉडी स्पीड को अप्रोच करती है तो उसका mass increase होने लगता है यानी की जो positive charge है उसका mass increase होने लगेगा और mass increase होने के कारण वो आउट स्टेप हो जाता है मैने आपको ऐसे Large Hadron Collider से इस नहीं समझाया क्योंकि cyclotron  को समझना काफी आसान है इसमें हम को केवल दो चीजों का ध्यान रखना पड़ता है कि electrical field  जाने पर charge particle की स्पीड तेज होती है और मैग्नेटिक फील्ड में उसकी डिरेक्शन चेंज होती है लेकिन दोनों ही particle accelerator है Large Hadron Collider एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट है इसमें सभी छोटी छोटी बातों का ध्यान रखा गया है |

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